अर्थग्राह्यता-प्रतिक्रिया (पृष्ठ 136)
(अ) प्रश्नों के उत्तर बताइए।
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1. संयुक्त राष्ट्र संघ के बारे में बताइए।
संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) दुनिया भर के देशों का एक ऐसा संगठन है, जो विश्व में शांति, सुरक्षा, मानवीय दृष्टिकोण और वैश्विक समस्याओं (जैसे पर्यावरण, गरीबी आदि) के समाधान के लिए आपसी बातचीत और सहयोग को बढ़ावा देता है।
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2. युगरत्ना के सवालों के बारे में अपने विचार बताइए।
युगरत्ना के सवाल अत्यंत महत्वपूर्ण और आज की सच्चाई को दर्शाने वाले हैं। उन्होंने हिमालय के पिघलने, ध्रुवीय भालुओं के मरने, पीने के साफ पानी की कमी और प्रशांत महासागर के बढ़ते जलस्तर जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल उठाए। उनके ये सवाल मनुष्य की स्वार्थी प्रवृत्तियों और पर्यावरण के प्रति उसकी लापरवाही पर करारा प्रहार करते हैं।
(आ) अनुच्छेद पढ़कर प्रश्नों के उत्तर विकल्पों में से पहचानकर लिखिए।
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1. नदी का पानी अंत में कहाँ मिलता है?
Answer: C. समुद्र में
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2. जलचक्र का क्या अर्थ है?
Answer: A. पानी का घूमते रहना
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3. जलचक्र को बनाए रखने के लिए क्या ज़रूरी है?
Answer: A. पेड़ लगाना
अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता (पृष्ठ 136)
(अ) इन प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
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1. पर्यावरण के बिगड़ने से आगामी भविष्य में और कैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?
पर्यावरण के बिगड़ने से ग्लोबल वार्मिंग में वृद्धि होगी, पीने योग्य पानी की भारी कमी हो जाएगी, अनेक जीव-जंतु और पेड़-पौधे हमेशा के लिए लुप्त हो जाएंगे, भयंकर बीमारियाँ फैलेंगी और पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
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2. जल संरक्षण कैसे किया जा सकता है? अपने विचार बताइए।
जल संरक्षण निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है:
1. वर्षा के पानी को संचय (सहेज) करके (Rainwater Harvesting)।
2. नदियों और तालाबों को प्रदूषित होने से बचाकर।
3. घरेलू कार्यों में पानी का व्यर्थ उपयोग न करके।
4. अधिक से अधिक पेड़ लगाकर, क्योंकि पेड़ वर्षा में सहायक होते हैं। -
3. युगरत्ना के स्थान पर आप होते तो कौन-कौन से प्रश्न पूछते?
युगरत्ना के स्थान पर हम पूछते कि औद्योगिकीकरण और प्लास्टिक कचरे से महासागरों को कैसे बचाया जाएगा? जलवायु परिवर्तन के कारण भुखमरी का सामना कर रहे गरीब देशों की मदद के लिए नेता क्या कर रहे हैं? और भावी पीढ़ी को एक सुरक्षित धरती देने के लिए कड़े वैश्विक कानून क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं?
भाषा की बात (पृष्ठ 136-137)
(अ) नीचे दिये गये शब्दों के अर्थ बताकर वाक्य प्रयोग कीजिए।
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1. संघ (अर्थ: संगठन / सभा)
वाक्य प्रयोग: भारत कई राज्यों का एक संघ है।
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2. ध्रुवीय (अर्थ: ध्रुव से संबंधित / अत्यधिक ठंडे प्रदेशों का)
वाक्य प्रयोग: ध्रुवीय भालू बर्फ़ीले इलाकों में रहते हैं।
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3. लुप्त (अर्थ: गायब / समाप्त या विलुप्त)
वाक्य प्रयोग: डायनासोर इस पृथ्वी से लुप्त हो चुके हैं।
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4. तकनीक (अर्थ: विधि / प्रणाली / टेक्नोलॉजी)
वाक्य प्रयोग: आज कृषि के क्षेत्र में नई-नई तकनीकों का उपयोग हो रहा है।
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5. वरदान (अर्थ: आशीर्वाद / कृपा)
वाक्य प्रयोग: प्रकृति का सुंदर रूप मनुष्य के लिए एक वरदान है।
सही अर्थ वाले शब्द से जोड़ी बनाइए।
| शब्द | Ans | पर्यायवाची शब्द |
|---|---|---|
| 1. भूमि | ( c ) | a. जल, वारि, नीर |
| 2. इकट्ठा | ( d ) | b. आशीर्वाद, कृपा, अनुग्रह |
| 3. वरदान | ( b ) | c. धरा, पृथ्वी, धरती |
| 4. पानी | ( a ) | d. संचय, जमा करना, एकत्रित |
सही अर्थ वाले शब्द के नीचे रेखा खींचिए।
- 1. मजबूर — बाध्य / खुशी / दुख
- 2. संसाधन — स्रोत / खजाना / रुपया
- 3. पक्षी — उड़ान / गगन / पंछी
(इ) रिक्त स्थानों की पूर्ति उचित अव्ययों से कीजिए। (वाह!, के नीचे, और)
- 1. जंगल में साधु और खूँख्वार जानवर रहते हैं।
- 2. पेड़ के नीचे उसकी जड़ें होती हैं।
- 3. वाह! मुझे अच्छे अंक मिले।
तारे ज़मीं पर (उपवाचक) - प्रश्न (पृष्ठ 139)
प्रश्न:
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1. ईशान कैसा बालक है?
ईशान आठ वर्ष का एक अत्यंत प्रतिभाशाली, मासूम और कल्पनाशील बालक है, जिसे पढ़ाई के बजाय कुत्तों, मछलियों और पेंटिंग में रुचि है। वह 'डिसलेक्सिया' (अक्षरों को पढ़ने में तकलीफ़) की समस्या से पीड़ित है।
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2. बच्चों के प्रति निकुंभ सर के विचार कैसे हैं?
निकुंभ सर का मानना है कि बच्चे ओस की बूँदों की तरह शुद्ध और पवित्र होते हैं। हर बच्चा अपने आप में अनूठा और प्रतिभाशाली होता है। इसलिए उनकी भावनाओं और क्षमताओं को समझकर उन्हें प्यार और प्रोत्साहन देना चाहिए, न कि उन पर टॉपर्स बनने का दबाव डालना चाहिए।
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3. बच्चों के जीवन में पाठशाला की क्या भूमिका होनी चाहिए?
पाठशाला केवल रट्टा मारने और अंक लाने का स्थान नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह ऐसा मंच होना जहाँ बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचाना जा सके, उन्हें प्यार और मार्गदर्शन मिले तथा उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
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4. 'तारे ज़मीं पर' समीक्षा का निष्कर्ष क्या है?
इस फिल्म का निष्कर्ष यह है कि हर बच्चा खास होता है। माता-पिता और अध्यापकों को बच्चों की कमजोरियों पर डाँटने के बजाय उनकी छिपी प्रतिभा को समझना चाहिए और एक सच्चे मार्गदर्शक की तरह उन्हें आगे बढ़ने में मदद करनी चाहिए।
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