चित्र के आधार पर बातचीत (पृष्ठ 140)
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1. चित्र में क्या दिखायी दे रहा है?
चित्र में समुद्र की तेज लहरों के बीच एक छोटी नाव में कुछ लोग (मछुआरे) दिखाई दे रहे हैं।
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2. वे क्या कर रहे हैं?
वे समुद्र की उफनती लहरों के बीच नाव चलाने का प्रयास कर रहे हैं।
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3. इससे क्या संदेश मिलता है?
इससे हमें यह संदेश मिलता है कि कठिन परिस्थितियों में भी हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और साहस के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
अर्थग्राह्यता-प्रतिक्रिया (पृष्ठ 142)
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(अ) प्रश्नों के उत्तर बताइए।
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1. नदियाँ खेती के लिए किस प्रकार उपयोगी हैं?
नदियाँ फसलों की सिंचाई के लिए आवश्यक जल प्रदान करती हैं, जिससे उपजाऊपन बढ़ता है और खेती अच्छी होती है।
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2. ऋतुओं के नियंत्रण में पर्वत कैसे सहायक होते हैं?
पर्वत मानसूनी हवाओं को रोककर वर्षा कराने में तथा तापमान को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
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1. नदियाँ खेती के लिए किस प्रकार उपयोगी हैं?
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(आ) कविता पढ़कर प्रश्नों के उत्तर विकल्पों में से पहचानकर लिखिए।
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1. कविता में किस ऋतु का वर्णन है?
Answer: B) पावस ऋतु
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2. धरती से क्या फूट पड़ा?
Answer: C) अंकुर
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3. "नव-जीवन" का क्या अर्थ है?
Answer: A) नया जीवन
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4. बारिश शुरू होने पर किसान क्या करते हैं?
Answer: A) खेती शुरू करते हैं
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5. यदि बारिश का पानी मिले तो हमें क्या करना चाहिए?
Answer: B) पानी बचाना
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1. कविता में किस ऋतु का वर्णन है?
अभिव्यक्ति-सृजनात्मकता (पृष्ठ 142)
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(अ) प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
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1. पर्वत हमें सिर उठाकर जीने के लिए क्यों कह रहा होगा?
पर्वत हमें यह संदेश देता है कि हमें हमेशा स्वाभिमानी बनकर, बिना किसी के आगे झुके गौरव और सम्मान के साथ जीना चाहिए।
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2. विपत्तियों का सामना हमें कैसे करना चाहिए?
विपत्तियों का सामना हमें घबराने के बजाय धैर्य, साहस और दृढ़ संकल्प के साथ करना चाहिए।
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3. प्रकृति के अन्य तत्व जैसेः- नदियाँ, सूरज, पेड़ आदि हमें क्या सीख देते हैं?
नदियाँ निरंतर आगे बढ़ने की, सूरज सबको प्रकाश देने की तथा पेड़ परोपकार और सहनशीलता की सीख देते हैं।
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1. पर्वत हमें सिर उठाकर जीने के लिए क्यों कह रहा होगा?
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(आ) कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
कवि सोहनलाल द्विवेदी जी कहते हैं कि प्रकृति के प्रत्येक उपादान से हमें जीवन को सुंदर और सफल बनाने की प्रेरणा मिलती है। पर्वत हमें महान बनने, सागर मन में गहराई लाने, तरंगें मीठे उमंग भरने तथा पृथ्वी और आकाश हमें धैर्य रखने व विशाल हृदय बनने की सीख देते हैं।
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(इ) कविता के भाव से सूक्तियाँ लिखिए।
1. ऊँचे बनो, महान बनो।
2. धैर्य ही मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है।
3. अपने अच्छे गुणों से सारे संसार को अपना बना लो। -
(ई) नीचे दी गई पंक्तियों के आधार पर छोटी-सी कविता लिखिए।
हरियाली कहती, जीवन में खुशियाँ लाओ,
महकते फूल कहते, सदा मुस्कुराओ।
चहचहाते पक्षी कहते, गगन में उड़ जाओ,
बहती नदियाँ कहतीं, तुम आगे बढ़ते जाओ।
भाषा की बात (पृष्ठ 143)
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(अ) पाठ में आये पुनरुक्त शब्द रेखांकित कीजिए और वाक्य प्रयोग कीजिए।
पुनरुक्त शब्द: मीठे-मीठे
वाक्य प्रयोग: कोयल आम के बागों में मीठे-मीठे गीत गाती है। -
(आ) विपरीत अर्थ लिखिए और वाक्य प्रयोग कीजिए। (धैर्य, हिंसा, शांति, यश, धर्म, गौरव, सत्य)
1. धैर्य x हिंसा (या अधैर्य)
वाक्य: हमें किसी भी परिस्थिति में हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए।
2. शांति x अशांति
वाक्य: समाज में अशांति फैलाने वालों से दूर रहना चाहिए।
3. यश x अपयश
वाक्य: बुरे कर्मों से मनुष्य को जीवन में अपयश मिलता है।
4. धर्म x अधर्म
वाक्य: हमें हमेशा धर्म और सच्चाई के मार्ग पर चलना चाहिए।
5. गौरव x अपमान (या लाघव)
वाक्य: देश का अपमान हमें कभी सहन नहीं करना चाहिए।
6. सत्य x असत्य
वाक्य: हमें हमेशा सत्य बोलना चाहिए, असत्य नहीं। -
(इ) इन शब्दों के बीच का अंतर समझिए और स्पष्ट कीजिए। ऐसे ही तीन शब्द लिखिए।
गहरा (विशेषण) - गहराई (भाववाचक संज्ञा)
स्वतंत्र - स्वतंत्रता
ऊँचा - ऊँचाई
अन्य तीन शब्द:
1. मीठा - मिठास
2. सुंदर - सुंदरता
3. सच्चा - सच्चाई
परियोजना कार्य (पृष्ठ 143)
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सोहनलाल द्विवेदी के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए। उनकी कोई एक कविता ढूँढ़कर लिखिए।
सोहनलाल द्विवेदी का जन्म 22 फरवरी 1906 को उत्तर प्रदेश के बिंदकी में हुआ था। वे राष्ट्रीय चेतना और गांधीवादी विचारधारा के प्रमुख कवि थे। उन्हें 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था。
उनकी प्रसिद्ध कविता:
"कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती,
लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती..."
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