पाठ योजना: ऐसा वर दो
कक्षा: 7वीं | माह: जुलाई
| अध्यापिका का नाम: काविलीपाटी उमा देवी | पाठ का नाम: ऐसा वर दो |
| पाठशाला का नाम: जिला परिषद बालिकोन्नत पाठशाला, वीरघट्टम | विधा: कविता |
| जिला: मान्यम (पार्वतीपुरम मान्यम) | आवश्यक कालांशों की संख्या: 12 |
अवधारणा मानचित्र (कौशल व घटक)
| घटक / क्षेत्र | विवरण |
|---|---|
| सोचिए-बोलिए, कविता पठन | चित्र के बारे में बातचीत, कविता का सस्वर वाचन। |
| सुनना - बोलना, पढ़ना | प्रश्नों के उत्तर अपने शब्दों में देना, सही वाक्य पर निशान लगाना, रिक्त-स्थान भरना, समान उच्चारण वाले शब्द पहचानना, अपठित गद्यांश, वाक्यों को सही क्रम देना आदि। |
| लिखना | प्रश्नों के उत्तर तीन-चार वाक्यों में लिखना, सारांश लिखना। |
| शब्दज्ञान | कविता में आये कठिन शब्दों के अर्थ बताना, अंत्याक्षरी, वर्ग पहेली, सार्थक शब्द, बेमेल शब्द, चित्रों के सामने दिए गए दो सही शब्दों पर गोला लगाना आदि। |
| भाषांश | विलोम शब्द, वर्ण-विच्छेद, अनुवाद करना। |
| व्याकरणांश | संज्ञा, समय सारिणी बनाना। |
| सृजनात्मकता | देखो, समझो और बनाओ। |
| अतिरिक्त गतिविधि | वाह! क्या बात है? |
कालांश आवंटन तालिका
| पाठ का नाम | विषय / अवधारणा | आवश्यक कालांश | शिक्षण समय-सीमा | पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ सं. |
|---|---|---|---|---|
| ऐसा वर दो | सोचिए - बोलिए, कविता पठन | 2 | 80 मिनट | 123, 124 |
| सुनना - बोलना - पढ़ना | 2 | 80 मिनट | 125, 126, 127 | |
| शब्द-ज्ञान / शब्दावली | 1 | 40 मिनट | 125 | |
| लिखना | 2 | 80 मिनट | 128 | |
| भाषांश | 1 | 40 मिनट | 128, 129, 130 | |
| व्याकरणांश | 2 | 80 मिनट | 132 | |
| सृजनात्मकता | 1 | 40 मिनट | 133 | |
| उपचारात्मक शिक्षण | 1 | 40 मिनट | 130 | |
| कुल कालांश: | 12 | 480 मिनट | — | |
पूर्व अवधारणा एवं कौशल
- मातृभाषा में पढ़कर और सुनकर समझने की क्षमता।
- हिंदी की छोटी-छोटी कविताओं को पढ़ना।
- राग, ताल, लय, भाव और उचित उच्चारण कर पाना।
- मौखिक और लिखित रूप से अपने विचारों को व्यक्त कर पाना।
- चित्रों से संबंधित शब्दों को बता पाना।
- छात्रों के पूर्व ज्ञान के आधार पर अध्यापक नए पाठ का शीर्षक निकाल पाने में सफल हों।
सीखने की संप्राप्तियाँ (Learning Outcomes)
- बच्चे अपने जीवन में सत्य, सेवा-परायणता, सहानुभूति जैसे सद्गुणों को अपनाने की प्रेरणा पा सकेंगे।
- प्रेम, परोपकार, दया, सहकारिता आदि नैतिक मूल्यों को ग्रहण कर सकेंगे।
- गीत को उचित लय से गा सकेंगे।
- गीत में आये नए शब्द पढ़ सकेंगे।
- संज्ञा शब्दों को पहचानकर लिख सकेंगे।
शिक्षण अधिगम प्रक्रिया (Detailed Teaching Plan)
| कालांश सं. | विषय / अवधारणा | अध्यापक की क्रियाएँ | छात्र की क्रियाएँ | सहायक सामग्री (TLM) |
|---|---|---|---|---|
| 2.1 | सोचिए - बोलिए, कविता पठन |
प्रस्तावना के चित्र के बारे में बातचीत करेंगे। छात्रों से लघु प्रश्न पूछना: 1. चित्रों में कौन-कौन हैं? 2. चित्रों में बच्चे क्या कर रहे हैं? 3. बड़ों का आदर क्यों करना चाहिए? |
छात्र उत्तर देंगे जिससे पाठ का शीर्षक निकलेगा: उत्तर 1: माता-पिता, बच्चे, गुरु-शिष्य, दादाजी। उत्तर 2: बड़ों का आदर। उत्तर 3: बड़ों का आदर करना एक उत्तम गुण है। (भगवान हमको - ऐसा वर दो) |
पाठ्य-पुस्तक, भगवान, गुरु-शिष्य, माता-पिता, बच्चों के चित्र व चार्ट। |
| 2.2 | सुनना - बोलना - पढ़ना |
कविता की व्याख्या के बाद प्रश्न पूछना: 1. बच्चे कब खुशी मनाते हैं? 2. बच्चे किस मार्ग पर बढ़ना चाहते हैं? 3. कविता में बच्चे क्या कर रहे हैं? 4. हमें सत्यमार्ग पर क्यों बढ़ना चाहिए? 5. बच्चे भगवान से कैसा वर माँगते हैं? 6. "ऐसा वर दो" कविता के कवि कौन हैं? 'पढ़िए' से संबंधित गतिविधियाँ (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ) करवाना। |
छात्र उत्तर देने का प्रयास करेंगे: उत्तर 1: परहित करके। उत्तर 2: सत्य मार्ग पर। उत्तर 3: भगवान से प्रार्थना। उत्तर 4: सत्यमार्ग पर चलना एक महान सद्गुण है। उत्तर 5: ज्ञान और बुद्धि का। उत्तर 6: त्रिलोक सिंह ठकुरेला। छात्र पाठ्य-पुस्तक के क्रियाकलाप करेंगे। |
पाठ्य-पुस्तक |
| 2.3 | शब्द ज्ञान / शब्दावली | कविता में आये कठिन शब्दों को लिखवाना। | छात्र कठिन शब्द लिखेंगे। | श्यामपट्ट |
| 2.4 | लिखना | पाठ्य-पुस्तक में दिये गए 'लिखिए' से संबंधित प्रश्नोत्तर व सारांश लिखवाना (अ, आ)। | छात्र प्रश्नोत्तर और सारांश अपनी-अपनी कापियों में लिखेंगे। | पाठ्य-पुस्तक व IFP का प्रयोग |
| 2.5 | भाषांश | अभ्यास कार्य करवाना (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ)। | भाषांश से संबंधित सभी अभ्यास कार्य लिखेंगे। | पाठ्य-पुस्तक |
| 2.6 | व्याकरणांश | संज्ञा की परिभाषा और उदाहरणों की जानकारी प्रदान करना (अ, आ अभ्यास कार्य)। समय-सारिणी बनाना सिखाना। | छात्र संज्ञा के बारे में जानेंगे एवं समय-सारिणी बनाना सीखेंगे। | संज्ञा चार्ट, समय सारिणी |
| 2.7 | सृजनात्मकता | देखो, समझो और बनाओ: चेहरे के विविध भाव जैसे खुशी, रूठना, रोना, बुढ़ापा और बचपन के चित्र/छाप बनाकर दिखाने को कहना। | छात्र तरह-तरह के हाव-भाव युक्त छाप/चित्र बनाएंगे। | दीवार पत्रिका, कोरा कागज़, स्केच पेन, प्राकृतिक रंग |
| 2.8 | उपचारात्मक शिक्षण | "ऐसा वर दो" कविता पढ़ाते समय छात्रों की गलतियों में सुधार करना व सहयोग प्रदान करना। | छात्रों ने भाषाई कौशलों का प्रयोग करके अपने ज्ञान का विकास किया। | — |
श्यामपट्ट कार्य: अध्यापक सभी तरह के श्यामपट्ट कार्य को छात्रों को उतारने के लिए कहेंगे।
निरीक्षण कार्य: छात्रों द्वारा लिखे गए कार्यों का कक्षा में निरीक्षण करना।
गृहकार्य: भगवान की प्रार्थना से संबंधित अन्य कोई कविता लिखिए।
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Head Teacher's Suggestions: _______________________________ Head Teacher's Signature: ___________________ |
Teacher's Signature: ___________________ |